10/13/21

बागवान


बागवान

जिंदगी का सफर हूँ 
चलता रहता है
जीस दोर सें हम गुजरे है
उसी दोर सें कभी आप को भी 
गुजर ना है 
जीस छाव में तुम खडे हो
एक दिन उस छाव देने
वाले पत्तो को सुख कर गीरना है
तुम्हे भी एक दिन किसी को छाव
देना ही पडें गा ।
क्यूकी यही जिंदगी का दस्तूर है ।
उम्र आज कम है तो सब सही है।
बढती उम्र में खदे पे बोज लेके चलना है ।
की और को तुम्हे बछती उम्र के साथ साथ
उन्हें तुम्हीरी छाव में रखना है ।
इसी को जिंदगी का बागवान कहते है।

🍃🍃🍃🍃🍃🍂🍂🍂🍂🍂🍂🍃🍃🍃🍃🍃🍃🍃🍁🍁🍁🍁🍃🍃🍃बागवान🍃🍃🍃🍁🍁🍁🍁🍁🍁
🍃🍃🍃🍃🍃🍃🍂🍂🍂🍂🍂🍂🍃🍃🍃🍃🍃🍃
                              शब्द कवी देवेंद्र...✍️


7 comments:

Comments (समीक्षा साठी )
ह्या Blog वर Subscribe Button Click करावे.

सुंदर माझं कोकण....

सुंदर माझं कोकण.... सुंदर तो नजारा सुंदर तो देखावा डोंगराच्या त्यारांगा त्यावर हिरवी रंगावा त्या हिरवा रंगावा तून उडतो असतो ...