हमारा हाल दुसरो को पुछते हो
मोहोबत हम सें बोहोत करते हो
मगर कहनें को बोहोत युही डर तें हो,
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डर तें तो हम नही है
हम आप सें मोहोबत करते है
हम अभी मोहोबत में आधे अधुरे है
आप कें पुरे होने के बाद हम हमारें ही नही रहेंगे
इस लीयें मोहोबत का हम इजहार नही करते हैं
🍂☘️🍂☘️🍂☘️💝हालें दिल💝🍂☘️🍂☘️🍂
शब्द कवी...✍️
खूप छान
ReplyDeleteबहुत खूब 👌👌👌👌👌👌
ReplyDeleteलाजवाब पेशकश
ReplyDeleteबहोत खूब👌👌👌
ReplyDeleteसुंदर रचना केली 👌👌
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