9/21/21

बारीश...

                       


बारीश 

बादल आज भी 
अंगडाई लेकर
घटा बदल देती है
जहा पर तुम्हारा
मकान है वहाका
पत्ता हमें बादल
दे देते है.....

आज भी खामोशी है
जीस जगा हम मीले थे
वो मकान आज भी खाली है।
जीस दिल मैं तुम रहा करते थे ।


बारीशने अब तूफान लाना छोड दिया
बारीशने अब तूफान लाना छोड दिया
जब सें आप गये हो ,जब सें आप गये हो
तूफाने बारीशका  साथ छोड दिया....
                                            देवेंद्र... शब्द कवी.✍️

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